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(पर्यायवाची)
हृदय
- छाती, वक्ष, वक्षस्थल, हिय, उर।।
हिमालय
- हिमगिरी, हिमाचल, गिरिराज, पर्वतराज, नगेश।
हाथी
- नाग, हस्ती, राज, कुंजर, कूम्भा, मतंग, वारण, गज, द्विप, करी, मदकल।
हाथ
- हस्त, कर, पाणि।
स्वर्ण
- कंचन, कनक, कुंदन, हेम, सोना।
स्वर्ग
- सुरलोक, देवलोक, परमधाम, त्रिदिव, दयुलोक।
स्त्री
- नारी, महिला, अबला, ललना, औरत, कामिनी, रमणी।
सोना
- स्वर्ण, कंचन, कनक, हेम, कुंदन।
सूर्य
- रवि, सूरज, दिनकर, प्रभाकर, आदित्य, दिनेश, भास्कर, दिवाकर।
सुगंधि
- सौरभ, सुरभि, महक, खुशबू।
सिंह
- केसरी, शेर, महावीर, हरि, मृगपति, वनराज, शार्दूल, नाहर, सारंग, मृगराज।
साँप
- अहि, भुजंग, ब्याल, सर्प, नाग, विषधर, उरग, पवनासन।
समूह
- दल, झुंड, वृंद, गण, पुंज।
समुद्र
- सागर, पयोधि, उदधि, पारावार, नदीश, जलधि, सिंधु, रत्नाकर, वारिधि।
संसार
- जग, विश्व, जगत, लोक, दुनिया।
शिव
- भोलेनाथ, शम्भू, त्रिलोचन, महादेव, नीलकंठ, शंकर।
शिक्षक
- गुरु, अध्यापक, आचार्य, उपाध्याय।
शरीर
- देह, तनु, काया, कलेवर, अंग, गात।
शत्रु
- रिपु, दुश्मन, अमित्र, वैरी, अरि, विपक्षी, अराति।
वृक्ष
- पेड़, पादप, विटप, तरू, गाछ, दरख्त, शाखी, विटप, द्रुम।
विष्णु
- नारायण, दामोदर, पीताम्बर, चक्रपाणी।
विष
- ज़हर, हलाहल, गरल, कालकूट।
वन
- कानन, विपिन, अरण्य, कांतार।
लक्ष्मी
- कमला, पद्मा, रमा, हरिप्रिया, श्री, इंदिरा।
रात
- रात्रि, रैन, रजनी, निशा, यामिनी, तमी, निशि, यामा, विभावरी।
राजा
- नृप, नृपति, भूपति, नरपति, नृप, भूप, भूपाल, नरेश, महीपति, अवनीपति।
मोर
- केक, कलापी, नीलकंठ, नर्तकप्रिय।
मेघ
- बादल, पयोद, जलधर, पयोधर।
हिरण
- मृग, सारंग, कृष्णसार।
मित्र
- सखा, सहचर, साथी, दोस्त
माता
- जननी, माँ, अंबा, जनयत्री, अम्मा।
मनुष्य
- आदमी, नर, मानव, मानुष, मनुज।
शहद
- मधु, रसा, शहद, कुसुमासव।
शराब
- मदिरा, हाला, आसव, मधु, मद।
मछली
- मीन, मत्स्य, जलजीवन, शफरी, मकर।
जेवर
- भूषण, गहना, आभूषण, अलंकार।
बिजली
- घनप्रिया, इन्द्र्वज्र, चंचला, सौदामनी, चपला, दामिनी, ताडित, विद्युत।
रेत
- बालू, बालुका, सैकत।
बादल
- मेघ, घन, जलधर, जलद, वारिद, नीरद, सारंग, पयोद, पयोधर।
बन्दर
- वानर, कपि, कपीश, हरि।
भूमि
- पृथवी, पृथिवी, भूमि, भूमी, अचला, अनन्ता, रसा, विश्वम्भरा, स्थिरा, धरा, धरित्री, धरणी, धरणि, वसुमती, वसुधा, वुसंधरा, अवनि, अवनी, मही, विपुला, रत्नगर्भा, जगती, सागराम्बरा, उर्वी, गोत्रा, क्ष्मा क्षमा, मेदिनी, गह्वरी, धात्री, गौरिला, कुम्भिनी, भूतधात्री, क्षोणी, क्षोणि, काश्यपी, क्षिति, सर्वेसृहा!
पुष्प
- फूल, सुमन, कुसुम, मंजरी, प्रसून, पुहुप।
पुत्री
- बेटी, आत्मजा, तनूजा, सुता, तनया।
पुत्र
- बेटा, आत्मज, सुत, वत्स, तनुज, तनय, नंदन।
पहाड़
- पर्वत, गिरि, अचल, शैल, धरणीधर, धराधर, नग, भूधर, महीधर।
वायु
- पवन, हवा, समीर, वात, मारुत, अनिल, पवमान, समीरण, स्पर्शन।
पत्नी
- भार्या, वधू, वामा, अर्धांगिनी, सहधर्मिणी, गृहणी, बहु, वनिता, दारा, जोरू, वामांगिनी।
पति
- स्वामी, प्राणनाथ, प्राणाधार, प्राणप्रिय, प्राणेश, आर्यपुत्र।
पक्षी
- खेचर, दविज, पतंग, पंछी, खग, चिडिया, गगनचर, पखेरू, विहंग, नभचर।
नाव
- नौका, तरणी, तरी।
नया
- नूतन, नव, नवीन, नव्य।
नदी
- सरिता, तटिनी, सरि, सारंग, जयमाला, तरंगिणी, दरिया, निर्झरिणी।
धरती
- धरा, धरती, वसुधा, ज़मीन, पृथ्वी, भू, भूमि, धरणी, वसुंधरा, अचला, मही, रत्नवती, रत्नगर्भा।
धनुष
- चाप, शरासन, कमान, कोदंड, धनु।
धन
- दौलत, संपत्ति, सम्पदा, वित्त।
देवता
- सुर, देव, अमर, वसु, आदित्य, लेख।
दूध
- दुग्ध, क्षीर, पय।
दुष्ट
- पापी, नीच, दुर्जन, अधम, खल, पामर।
दुर्गा
- चंडिका, भवानी, कुमारी, कल्याणी, महागौरी, कालिका, शिवा।
दुःख
- पीड़ा, कष्ट, व्यथा, वेदना, संताप, शोक, खेद, पीर, लेश।
दिन
- दिवस, याम, दिवा, वार, प्रमान।
नौकर
- दास, सेवक, चाकर, परिचारक, अनुचर।
दर्पण
- शीशा, आरसी, आईना, मुकुर।
दरिद्र
- निर्धन, गरीब, रंक, कंगाल, दीन।
तालाब
- सरोवर, जलाशय, सर, पुष्कर, पोखरा, जलवान, सरसी।
गहना
- जेवर, अलंकार, भूषण, आभरण, मंडल।
जल
- अमृत, सलिल, वारि, नीर, तोय, अम्बु, उदक, पानी, जीवन, पय, पेय।
जंगल
- विपिन, कानन, वन, अरण्य, गहन, कांतार, बीहड़, विटप।
चरण
- पद, पग, पाँव, पैर।
चंद्रमा
- चाँद, चंद्र, हिमांशु, इंदु, विधु, तारापति, चन्द्र, शशि, हिमकर, राकेश, रजनीश, निशानाथ, सोम, मयंक, सारंग, सुधाकर, कलानिधि।
घर
- गृह, सदन, गेह, भवन, धाम, निकेतन, निवास, आलय, आवास, निलय, मंदिर।
गाय
- गौ, धेनु, सुरभि, भद्रा, रोहिणी।
गर्मी
- ताप, ग्रीष्म, ऊष्मा, गरमी, निदाघ।
गणेश
- विनायक, गजानन, गौरीनंदन, गणपति, गणनायक, शंकरसुवन, लम्बोदर, महाकाय।
हाथी
- गज, हस्ती, मतंग, कूम्भा, मदकल।
गंगा
- देवनदी, मंदाकनी, भगीरथी, विश्नुपगा, देवपगा, ध्रुवनंदा, सुरसरिता, देवनदी, जाह्नवी, त्रिपथगा।
क्रोध
- रोष, कोप, अमर्ष, कोह, प्रतिघात।
कोयल
- कोकिला, पिक, काकपाली, बसंतदूत, सारिका, कुहुकिनी, वनप्रिया।
कृष्ण
- राधापति, घनश्याम, वासुदेव, माधव, मोहन, केशव, गोविन्द, गिरधारी।
कृपा
- प्रसाद,करुणा,दया,अनुग्रह।
किसान
- कृषक, भूमिपुत्र, हलधर, खेतिहर, अन्नदाता।
किरण
- रश्मि, अंशु, कर, मयुख, मरीच, ज्योति, प्रभा।
किताब
- पोथी, ग्रन्थ, पुस्तक।
कान
- कर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल।
कमल
- नलिन, अरविन्द, उत्पल, राजीव, पद्म, पदम्, पंकज, नीरज, सरोज, जलज, जलजात।
कपड़ा
- चीर, वसन, पट, अंशु, कर, मयुख, वस्त्र, अम्बर, परिधान।
ओंठ
- ओष्ठ, अधर, होठ।
ईश्वर
- परमात्मा, प्रभु, ईश, जगदीश, भगवान, परमेश्वर, जगदीश्वर, विधाता।
इन्द्र
- सुरेश, सुरेन्द्र, देवेन्द्र, सुरपति, शक्र, पुरंदर, देवराज।
इच्छा
- अभिलाषा, अभिप्राय, चाह, कामना, लालसा, मनोरथ, आकांक्षा, अभीष्ट।
आश्रम
- कुटी ,विहार,मठ,संघ,अखाडा।
आम
- रसाल, आम्र, सौरभ, मादक, अमृतफल, सहुकार।
आनंद
- हर्ष,सुख,आमोद,मोद,प्रमोद,उल्लास।
आत्मा
- जीव, देव, चैतन्य, चेतनतत्तव, अंतःकरण।
कमल
- जलज, पंकज, नलिन, पदम्, अरविंद, उत्पल, सरोज्, राजीव, नीरज।
आग
- अग्नि, अनल, हुतासन, पावक, दहन, ज्वलन, धूमकेतु, कृशानु, वहनि, शिखी, वह्नि।
आकाश
- नभ, गगन, अम्बर, व्योम, अनन्त, आसमान, अंतरिक्ष, शून्य, अर्श।
आंसू
- नेत्रजल,नयनजल,चक्षुजल,अश्रु।
आँख
- लोचन, नयन, नेत्र, चक्षु, दृग, विलोचन, दृष्टि, अक्षि।
अहंकार
- दंभ, गर्व, अभिमान, दर्प, मद, घमंड।
असुर
- दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज, रात्रिचर।
अश्व
- हय, तुरंग, बाजी, घोड़ा, घोटक।
अर्थ
- धन्, द्रव्य, मुद्रा, दौलत, वित्त, पैसा।
अमृत
- सुधा, अमिय, पीयूष, सोम, मधु, अमी।
अनुपम
- अपूर्व, अतुल, अनोखा, अदभुत, अनन्य।
अतिथि
- मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना।
अग्नि
- अनल, पावक, वहनि, कृशानु, शिखी।
अंहकार
- गर्व,अभिमान,दर्प,मद,घमंड।।
अंधकार
- तम, तिमिर, तमिस्र, अँधेरा।
कबीर दास
अंजना बख्शी
अंजना भट्ट
हरिवंश राय बच्चन
रामधारी सिंह "दिनकर"
डाँ॰ हरी ओम पंवार
मैथिलीशरण गुप्त
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
H
H
Phrase
(वाक्यांश)
जो कहा न जा सके -
अकथनीय
जिसे क्षमा न किया जा सके -
अक्षम्य
जो गिना न जा सके -
अगणित
जहाँ पहुँचा न जा सके -
अगम, अगम्य
जिसे कभी बुढ़ापा न आये -
अजर
जिसका कोई शत्रु ही न जन्मा हो -
अजातशत्रु
इतिहास का ज्ञाता -
अतिहासज्ञ
जिसके समान कोई दूसरा न हो -
अद्वितीय
जहा अनाथ रहते हों -
अनाथाश्रम
जो बहुत आवश्यक हो -
अनिवार्य
जिसकी कोई उपमा न हो -
अनुपम
जो परिचित न हो -
अपरिचित
जिसका पार ना पाया जाये -
अपार
जो आँखों के सामने न हो -
अप्रत्यक्ष
जो बात पहले कभी ना हुई हो -
अभूतपूर्व
जो कभी ना मरे -
अमर
जिसका कोई मूल्य न हो -
अमूल्य
जो इस लोक से बाहर की बात हो -
अलौकिक
जिसे बहुत कम ज्ञान हो, थोड़ा जानने वाला -
अल्पज्ञ
बिना वेतन का -
अवैतनिक
जो कानून के विरुद्ध हो -
अवैध
आज्ञा का पालन करने वाला -
आज्ञाकारी
आलोचना करने वाला -
आलोचक
ईश्वर में आस्था रखने वाला -
आस्तिक
इतिहास को जानने वाला -
इतिहासकार
दूसरों पर उपकार करने वाला -
उपकारी
जिस पर उपकार किया गया हो -
उपकृत
ऊपर लिखा गया -
उपरिलिखित
ऊपर कहा हुआ -
उपर्युक्त
किसी की हँसी उड़ाना -
उपहास
जो अपने माता पिता का एक बुरा पुत्र (बेटा) हो -
कपूत
कल्पना से परे हो -
कल्पनातीत
जो काम से जी चुराता हो -
कामचोर
तेज बुद्धिवाला -
कुशाग्रबुद्धि
जो उपकार मानता है -
कृतज्ञ
जो क्षमा करने के योग्य हो -
क्षम्य
जो टुकड़े-टुकड़े हो गया हो -
खंडित
आकाश को चूमने वाला -
गगनचुंबी
गणित का ज्ञाता -
गणितज्ञ
जिसे गुप्त रखा जाए -
गोपनीय
जिससे घृणा की जाए -
घृणित
हाथ में चक्र धारण करनेवाला -
चक्रपाणि
जिसकी चार भुजाएँ हों -
चतुर्भुज
चिंता में डूबा हुआ -
चिंतित
रोगी की चिकित्सा करने वाला -
चिकित्सक
जो बहुत समय कर ठहरे -
चिरस्थायी
जो जन्म से अंधा हो -
जन्मांध
जानने की इच्छा रखने वाला -
जिज्ञासु
जिसने इंद्रियों को जीत लिया हो -
जितेंद्रिय
ज्ञान देने वाली -
ज्ञानदा
जिसे देखकर डर (भय) लगे -
डरावना, भयानक
जो किसी पक्ष में न हो -
तटस्थ
तत्व को जानने वाला -
तत्वज्ञ
तप करने वाला -
तपस्वी
दुखांत नाटक -
त्रासदी
भूत-वर्तमान-भविष्य को देखने (जानने) वाले -
त्रिकालदर्शी
दया करने वाला -
दयालु
देखने योग्य -
दर्शनीय
जिसका आचरण अच्छा न हो -
दुराचारी
जहाँ पहुंचना मुश्किल हो -
दुर्गम
बहुत तेज चलने वाला -
द्रुतगामी
जिसकी धर्म में निष्ठा हो -
धर्मनिष्ठ
बिलकुल बरबाद हो गया हो -
ध्वस्त
आकाश में उड़ने वाला -
नभचर
जो थोड़ी देर पहले पैदा हुआ हो -
नवजात
नगर में वास करने वाला -
नागर
ईश्वर पर विश्वास न रखने वाला -
नास्तिक
जिसका आकार न हो -
निराकार
जिसका कोई आधार न हो -
निराधार
मांस न खाने वाला -
निरामिष
जिसकी उपमा न हो -
निरुपम
रात में घूमने वाला -
निशाचर
जिसके कोई संतान न हो -
निसंतान
पंद्रह दिन में एक बार होने वाला -
पाक्षिक
जिसका संबंध पश्चिम से हो -
पाश्चात्य
जहा पुस्तकें (किताबें) पढने के लिए रखी जाती हों -
पुस्तकालय
जो आँखों के सामने हो -
प्रत्यक्ष
प्रिय बोलने वाली स्त्री -
प्रियंवदा
फेन से भरा हुआ -
फेनिल
जिसकी बहुत अधिक चर्चा हो -
बहुचर्चित
बच्चों के लिए काम की वस्तु -
बालोपयोगी
मयूर की तरह आँखों वाली -
मयूराक्षी
जो मां का भक्त हो -
मातृभक्त
मास में एक बार आने वाला -
मासिक
कम खर्च करने वाला -
मितव्ययी
मछली की तरह आँखों वाली -
मीनाक्षी
कीर्तिमान पुरुष -
यशस्वी
खून से रँगा हुआ -
रक्तरंजित
रचना करने वाला -
रचयिता
अत्यंत सुन्दर स्त्री -
रूपसी
जिसके नीचे रेखा हो -
रेखांकित
जो इस लोक की बात हो -
लौकिक
जिस स्त्री के कभी संतान न हुई हो -
वंध्या (बाँझ)
जो वन में घूमता हो -
वनचर
जिसका वर्णन न किया जा सके -
वर्णनातीत
जिसका पति मर गया हो -
विधवा
जिसकी पत्नी मर गई हो -
विधुर
सौतेली माँ -
विमाता
जो विश्व में विख्यात हो| -
विश्वविख्यात
व्याकरण जाननेवाला -
वैयाकरण
जो शरण में आया हो -
शरणागत
फल-फूल खाने वाला -
शाकाहारी
अच्छे चरित्र वाला -
सच्चरित्र
सत्य बोलने वाला -
सत्यवादी
जो अपने माता पिता का एक अच्छा पुत्र (बेटा) हो -
सपूत
सब कुछ जानने वाला -
सर्वज्ञ
जहाँ पहुंचना सरल हो -
सुगम
जिसे प्राप्त करना सरल हो -
सुलभ
जो स्थिर रहे -
स्थावर
जो स्वयं पैदा हुआ हो -
स्वयंभू
हाथ से लिखा हुआ -
हस्तलिखित
हिंसा करने वाला -
हिंसक
हित चाहने वाला -
हितैषी